अर्वल्ली हिल्स राजस्थान पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला 2025: खनन पर रोक, पर्यावरणीय प्रभाव और कानूनी अपडेट”
“अरावली को बचाने का संघर्ष: Supreme Court का नया फैसला और पर्यावरण आं परिचय: अरावली को बचाने की चुनौती अली को बचाने के लिए आज बड़े स्तर पर प्रोटेस्ट हो रहा है। लोग सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे हैं। यह विरोध केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि समुदाय की जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता को दर्शाता है। अरावली ने हमें प्रकृति, नदियां, खनिज, स्वच्छ वायु और पर्यटन दिया है। आज हम उसी को बचाने के लिए खड़े हैं। सवाल यह है कि विकास का क्या फायदा यदि प्रकृति ही नहीं रहेगी? बिना प्रकृति के, कोई विकास टिकाऊ नहीं हो सकता। अरावली और इसका महत्व अरावली राजस्थान और गुजरात से होते हुए दिल्ली तक फैली हुई है। यह उत्तर भारत के लिए स्वच्छ वायु, जल संरक्षण और जैव विविधता का मुख्य स्रोत है। माउंट आबू जैसी जगहें पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं। Supreme Court ने हाल ही में नई परिभाषा दी है: 100 मीटर से ऊंची केवल 8% पहाड़ियों को ही अरावली माना जाएगा। बाकी 92% क्षेत्र शहरीकरण और खनन के लिए खुल जाएगा। यह बदलाव सिर्फ अरावली को ही नहीं, बल्कि पूरे पर्यावरण को ख...