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Bangladesh on the Boil and(“उस्मान हादी कौन थे? मौत के बाद बांग्लादेश में भड़की हिंसा, जानिए पूरी कहानी”)Who was Osman Hadi Bangladesh Erupt in violance After his death full story

 बात अपने देश पे है। बात अपने देश के आन बान शान की है। तो हर एक भारतीय को पता होना चाहिए कि पिछले 4 दिन में बांग्लादेश में जो हुआ वो भारत के ही नजरिए से कहीं ना कहीं काफी गलत हुआ और तब तो वो और ज्यादा गलत हो गया। जब भारत को वहां भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे नारे लगने लगे। भारत के विरोधी नारे लगने लगे। इस तरीके का तो मेरा आप सब से एक रिक्वेस्ट है कि ये जो बांग्लादेश में नरसंहार हो रहा है भारत विरोधी नारे लग रहे हैं और कहीं ना कहीं वही एक अल्पसंख्यक हिंदू को मतलब अधमरा करके भीड़ ने मार करके पेड़ पे लटका करके जला दिया। भारतीय एंबेसी के ऊपर हमला हुआ उस स्थिति में हर एक भारतीय को अधिकार है इस नरसंहार के बारे में जानने का। बांग्लादेश में क्यों लगा नारा भारत तेरे टुकड़े होंगे 

जानने। जरा समझिएगा ये नारे क्यों लगे? क्यों वहां पेड़ पे नग्न हिंदू को जलाया गया? जरा समझते हैं। बात आज से कुछ दिन पहले की है। लेकिन अगर इसकी शुरुआत की बात करूं तो याद है जुलाई में बांग्लादेश में जैन जी के लोग बड़ा नारा-वरा लगाए और आ गए वो पूरी बात आपको तुरंत समझ में आ जाएगी। वो उतर आए आवामी लीग को पार्टी से अब्दस्त करने में। वह आपके जो कहा जाता है शेख हसीना जी उनके ऊपर हमला किया गया। उनके घर परिवार उनके पार्टी के लोगों को दौड़ा-दौड़ा करके पीटा गया। फिर बाद में अगस्त में मोहम्मद यूसुफ वहां के युवाओं के कहने पे जो कि नोबेल पुरस्कार विजेता हैं उन्होंने सत्ता को संभाला लेकिन नाम के लिए क्यों नाम के लिए? क्योंकि आज भी जुलाई से लेके अगस्त अगस्त से लेके दिसंबर बांग्लादेश तो अनरेस्ट है ना नरसंहार तो हो रहा है ना खुद अपनी ही बिल्डिंगों को वो तोड़ रहे हैं। खुद अपनी ही इमारतों को वो जला रहे हैं और कह रहे हैं हम बांग्लादेश सुधार रहे हैं। खैर हमसे इससे क्या मतलब? हमारा भारत बना रहे ये बेहद जरूरी है। तो हुआ क्या वो लोग जुलाई में आवामी लीग का विरोध किए। वहां की जो तत्कालीन सरकार थी उसका विरोध किए उसको अपदस्त किए और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक नई सरकार बनाई। ये सब कर कौन रहा था? कुछ चंद छात्र नेता ये कर रहे थे। अब छात्र नेताओं को ये लगा उन्होंने अपनी पार्टी भी बना ली। अब उनको लगा कि हम चमक चुके हैं। अब हमें राजनीति में उतरना चाहिए। तो जैसे ही बांग्लादेश में फरवरी में 2026 में चुनाव की घोषणा हुई, उनमें से एक हादी जो कि चर्चा में है जिनके आप चेहरे यहां देख रहे हैं वो हादी क्या हो गए? आ गए ढाका यूनिवर्सिटी से कि भैया हम तो चुनाव लड़ेंगे और उन्होंने ढाका एड से सांसद का फॉर्म भी भर दिया कि अब हम चुनाव लड़ेंगे, अपना निर्दल चुनाव लड़ेंगे। निर्दलय चुनाव लड़ने की बात उनकी 10 दिसंबर के आसपास आ जाती है। फिर वो दो-चार दिन चुनाव करते हैं। ठीक है? ये जुलाई 2024 की आपको घटना मैंने बताया है सब। फिर वहां पे चुनाव होता है। चुनाव होने का डेट आता है। अब वो अपना चुनाव प्रचार में लग जाते हैं। हादी साहब। लेकिन इस बीच में क्या होता है? हादी जो कि आपको यहां दिख रहे होंगे। इनका पूरा नाम है शरीफ ओसामा हादी। यह भारत विरोधी बयानों के लिए जाने जाते हैं। यह जाने जाते हैं भारत का खुल के विरोध करने के लिए। यह जाने जाते हैं उस भारत को ये दिखाते हैं कि जब हमारा पूर्वोत्तर और सब एक था हमें वो वाला बांग्लादेश चाहिए। अरे वो कोई बांग्लादेश था ही नहीं। इनको ये बात समझनी चाहिए थी। वो तो सब हिंदुस्तान ही था। वो हिंदुस्तान की दया थी 1971 में कि नया बांग्लादेश बना। लेकिन अब इनके दिमाग को क्या कहा जाए? इन्होंने कहा कि हम एक ऐसा बांग्लादेश चाहते हैं जिसमें कि पूरा पूर्वोत्तर का भारत का हिस्सा हो। आप जरा इस बात को समझिएगा। पूरे पूर्वोत्तर को इन्होंने कहा कि ये बांग्लादेश का हिस्सा होगा। और मजेदार बात इसी मोहम्मद हादी ये जो आप बैकग्राउंड में देख रहे हैं। इसी शरीफ ओसामा उस्मान हादी ने ये भी कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर और पंजाब और राजस्थान का हिस्सा दे दो। सोचो इसने कितनी बड़ी बयान दी। जैसे ही इसने चुनाव में अपने आप को खड़ा किया ये व्यक्ति बांग्लादेश के चुनाव में उस्मान हादी ये कहता हुआ और उससे पहले से भी मिलता है कि अरे भारत की क्या मिसाल है। हम तो पूरा ये बांग्लादेश को ले लेंगे। पूरे पूर्वोत्तर को ले लेंगे और पाकिस्तान को पंजाब और कश्मीर दे दो। इनके चुनाव प्रचार के दो ही चार दिन बीते थे कि मोहम्मद हादी को दो बाइक सवारों ने अज्ञात लोगों ने गोली मार दी। अब जब हादी उस्मान उस्मान शरीफ हादी जो भी इनका नाम हो इनको गोली मार दी गई। गोली मारी तो पहले इनको ढाका के हस्पताल में ये छात्र नेता थे। हादी बांग्लादेश के जो लोग ना जानते हो जान लो। ये छात्र नेता थे। जुलाई वाले 2024 वाले कांड में ये उभर के आए थे। और जब अब बांग्लादेश चुनाव की घोषणा हुई है तो ये सांसद का चुनाव ढाका एड से लड़ने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में आ गए। फिर इनको किसी ने गोली मार दिया। चूंकि ये हमेशा भारत विरोधी बयान देते थे तो वहां की जनता ने संभवत या कुछ अज्ञात लोगों ने यह अफवाह फैलाया या ऐसा भरने का मन में कोशिश किया क्योंकि हादी भारत विरोधी बयान देता था। इसलिए भारत के लोगों ने गोली मरवाई होगी। एक वहां सेंटीमेंट उभरने लगा। एक वहां पे एक प्रकार का क्या कहा जाता है? जन भावना बनने लगी कि भारत ने गोली मरवाई है। भारत ने हादी को गोली मरवाई है। हालांकि हादी उस दिन मरे नहीं। ये गोली लगने के बाद भी ये जो हादी बांग्लादेशी छात्र नेता था ये मरा नहीं। ये व्यक्ति ढाका में पहले एडमिट हुआ। फिर वहां से इसको एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया। जहां सिंगापुर जाने के बाद इसकी डेथ हो गई। हा को जोड़ के देखा जाने लगा आवामी लीग के विरोधी के तौर पे भारत के विरोधी के तौर पे और उसके छ दिन बाद जो वर्तमान में बांग्लादेश के प्रमुख हैं मोहम्मद यूनुस कार्यकारी प्रमुख मैं कहूंगा इनको तो अब रिटायरमेंट लेना चाहिए लेकिन अब क्या कहा जाए इस उम्र में इन्होंने छ दिन बाद घोषणा की कि हादी मर गया और यही नहीं घोषणा की साथ ही साथ यह बोले कि राष्ट्रीय ध्वज झुकाया जाएगा। राष्ट्रीय शोक की घोषणा की जाएगी और पूरा बांग्लादेश रोड पे उतर गया हाथी के 100 वाले यात्रा में और अब यहां से बांग्लादेश में जन भावनाएं भड़की। जन भावनाएं भड़की तो वो हर समाचार एजेंसी जो इस घटना को निष्पक्ष तरीके से रख रही थी। बांग्लादेशी कुछ लोगों को यह लगा कि ये भारत का साथ दे रही हैं। इसलिए ये ऐसा ऐसा छाप रही हैं। आवामी लीग का साथ दे रही हैं। इसलिए ऐसा इन लोगों ने वहां के जबकि पत्रकार लोग ऑफिस में थे उसके बाद भी बांग्लादेशी नागरिकों ने बांग्लादेश के ही न्यूज़ एजेंसी को आग लगा दिया। ऐसी कई न्यूज़ एजेंसी को आग लगाया गया जो कि थी बांग्लादेश की। सिर्फ इस आधार पे आग लगाया गया कि तुम भारत के समर्थन में हो। यही नहीं बहुत ज्यादा आगजनी हुई। गाड़ियों को तोड़ा फोड़ा गया और हादी हम तुम्हारे साथ हैं। भारत के टुकड़े होंगे। ऐसा नारा लगाया गया बांग्लादेश में हादी के मृत्यु के बाद। और पूरा बांग्लादेश जल उठा। बची खुची का सर तब पूरा हुआ जब दीपपू चांद चंद्रा दास यह एक हिंदू नागरिक जो बांग्लादेश में रहते थे। बांग्लादेश में बहुत सारे हिंदू रहते हैं लेकिन वह अल्पसंख्यक हैं। इनको भीड़ ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब जी के इस निंदा के आरोप में इनको दौड़ाया, पीटा और इनको हिंदू हिंदू कह करके और जो भी वहां की सिचुएशन रही हो इनको नग्न अवस्था में पेड़ के ऊपर लटकाया गया और आग लगा दिया गया। तो इसीलिए लिखा हुआ है रिप दीपपू चंद्रा दास। इस व्यक्ति को नग्न अवस्था में वहां पर पेड़ पर लटका करके गुस्साई हुई भीड़ ने मॉब लॉचिंग किया लीचिंग किया और इन्हें जला करके मार डाला। ये सब हो किसके पीछे रहा है? हादी के मृत्यु का ये सबक्वेंट मिल रहा है। और उसके बाद फिर ये गुस्साई हुई भीड़ जगह-जगह आवामी लीग जो कि शेख हसीना की पार्टी है। उस पार्टी के उपराष्ट्रपति जो पहले कभी रहे उनके भी घर पे हमला किया गया। उसको भी नेस्तेनाबूद किया गया। और इन बांग्लादेशी लोगों ने अपने देश के शेख मुजीब उर रहमान के भी बिल्डिंग के ऊपर हमला किया और उसे भी तोड़ने की क्षतिग्रस्त करने की भरपूर कोशिश की गई। अब यहां इनका मन नहीं भरा। अभी भी नारे लग रहे थे। भारत तेरे टुकड़े होंगे। भारत तेरे टुकड़े होंगे। अब इन बांग्लादेशी लोगों ने क्या किया? वहां पे हिंदू रोड पे निकले कि हमें बचाओ। सेफ बांग्लादेश हिंदू। क्यों? क्योंकि हिंदू को जला दिया गया था। तो ये इनका राइट बनता था कि नहीं हमें बचाओ बांग्लादेश में। हम अल्पसंख्यक हैं। लेकिन मैटर तब और तूक पकड़ता है जब उन्हीं में का एक छात्र नेता जो जुलाई 2024 में शेख हसीना अब्दस्त वाले आंदोलन से उठा था जिसका नाम हसनत अब्दुल्ला था उसने भाषण दिया। और उसने क्या भाषण दिया? बोला भारत का जो पूर्वोत्तर वाला हिस्सा है वो सब बांग्लादेश का है। वो सब हम ले लेंगे और पंजाब और कश्मीर वाला हिस्सा पूरा पाकिस्तान का हो जाएगा। हम भारत का चिकन ने ही काट देंगे। हम भारत को अशांत कर देंगे। इस तरीके के भड़काऊ बयान इस व्यक्ति ने दिए। जैसा कि मीडिया स्रोत में खबर है। फिर इस चीज को कहा जाता है लल्ला मेरे भाई, मेरे दोस्त जितने लोग मुझे सुन रहे हैं चिकन लेग। इससे पूरा पूर्वोत्तर यह करीब 22 कि.मी. लंबा एक एरिया। हालांकि भारत यहां पे स्ट्रेटेजिकली बड़ा मजबूत स्थिति में है। बहुत सारे हमारे सैन्य ठिकाने यहां पे हैं। लेकिन फिर भी इस पूरे को बांग्लादेश चूंकि यहां पे मौजूद है। आप मैप देखिए। तो बांग्लादेश क्या चाह रहा है कि यहां बांग्लादेश नहीं मैं ये कहूंगा वहां के नेता। यहां पे पूरा बांग्लादेश वो चाह रहा है इसको हम कट कर दें। और अगर आप यहां पे इसी को कहा जाता है चिकन नेक। चिकन नेक कट करोगे, तो कहीं ना कहीं यह हिस्सा पूरा भारत का बांग्लादेश कह रहा है हम ले लेंगे। इनकी क्षमता हो गई है। विश्व की चौथी बड़ी इकोनॉमी हम। एशिया के दूसरी सबसे बड़ी सेना हमारे पास। विश्व की थल सेना सबसे बड़ी हमारे पास। इ वर्ल्ड इकोनॉमी में आगे हम दान करके जॉर्डन ओमान को आ रहे हैं। हम इथियोपिया को और तुम बांग्लादेश ये सोचते हो कि हमारे देश को तोड़ लोगे। जब तक हम जैसे देशवासी हमारे भारतीय मौजूद हैं। भारत को तोड़ने की बात सपने में सोच रहे हो। जिस दिन भारत इजराइल की तरह सोचना शुरू कर दिया ना नेस्तेनाबूद हो जाओगे। और मैं तो भारत सरकार से रिक्वेस्ट करता हूं कि सर भारत के कोई खिलाफ सोचे ऐसी उसकी औकात ना हो। इजराइल की तरह बन जाइए। वो जब ईरान में बैठे हुए हमास के लोग इजराइल के खिलाफ सोचते हैं ना वहां भी ईरान में घुस के मोसाद वाले उनका गला पकड़ के उठा देते हैं। इजराइल के खिलाफ सोचेगा। भारत के खिलाफ तुम सोचोगे और वो भी ये है कि हमारे भारत के इतने महत्वपूर्ण हिस्से को तुम काटने की सोच रहे हो और ये काटने की कोशिश किसने अपने भाषण में इस व्यक्ति ने की और इसके ये भड़काऊ भाषण के बाद फिर क्या स्थिति बनती है? बांग्लादेश के लोग भारतीय एंबेसी पे हमला करते हैं। भारतीय जो उच्चायुक्त राजदूत लोग जो बांग्लादेश में रहते हैं, वहां पे ये बैरिकेड लगे रहते हैं, हमला होता है। अगर मीडिया स्रोतों की सच मानी जाए तो वहां पे आर्मी बांग्लादेशी आर्मी खड़ी थी। लेकिन उसकी उपस्थिति में ये सब कुछ होता है। हालांकि चूंकि ये पूरा लोग पहुंच गए थे। चूंकि वहां पे अन्य देशों की भी एंबेसी थी तो सिर्फ भारत को नुकसान ना होता। गुस्साई हुई भीड़ अन्य देशों की एंबेसी को भी नुकसान पहुंचाती। ये बात बांग्लादेश को कहीं ना कहीं सरकार को पता थी। तब वो लाइन लगा दिए कि नहीं नहीं तुम नहीं जाओगे इस तरीके से। ये वहां पे स्थिति चल रही थी। ये
भारत के एंबेसी के 
ऊपर हमला करने की कोशिश हो रही थी। वहां की भीड़ के द्वारा। लेकिन आसपास अन्य देशों के भी एंबेसी थे। उस एंबेसी की वजह से स्थिति ये बनी कि तुरंत बांग्लादेशी सेना ने और पुलिस ने मोर्चा संभाला कि नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं तुम वो मत करो मत करो नहीं तो अन्य देश भी भड़क जाएंगे। समझ रहे हो? जरूरत है यहां पे भारत को भी एक स्ट्रिक्ट एक्शन लेने का। हालांकि एंबेसी को कुछ नहीं हो पाया। उसका कारण था कि फिर तुरंत आर्मी बुला

के बांग्लादेश ने 
लगाया कि अरे भैया कहीं भारत के एंबेसी के चक्कर में रूस-वस का टूटा ना इजराइल का एंबेसी टूटा ना तो फिर बांग्लादेश की ऐसी की तैसी हो जाएगी। ये सारी स्थिति ये जो लोग अपना रगड़ रहे हैं ना इस पे कि हां हिला रहे हैं ना तो पूरा रूस इनको हिला के रख देगा इजराइल इजराइल। इसलिए भारत को नहीं बचाना है। कम से कम उन सबके एंबेसी को बचा लो। और इस तरीके से अनरेस्ट हो चुका है पूरा बांग्लादेश। भारत को सिर्फ रिसीवर एंड पे बैठकर के सुनने की जरूरत है या फिर भारत को अब प्रतिक्रिया सचमुच देना चाहिए। भारत ने बस उनके उच्चायुक्त को तलब किया और अपनी बात रखी। जबकि सच तो यह है भारत के खिलाफ सोचने वाले हर एक व्यक्ति को कड़ा जवाब मिलना चाहिए। काहे बात का विश्व का चौथा सबसे बड़ा इकोनॉमी हम लोग बने बैठे हैं। काहे बात के लिए विश्व की सबसे बड़ी थल सेना में पहला दूसरा नंबर हम लोग रखे हुए हैं। काहे के लिए ब्रह्मोस रखा हुआ है?


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