बवासीर (Piles) क्या है?
बवासीर को अंग्रेज़ी में Piles और आम भाषा में बवासीर कहा जाता है। यह गुदा (Anus) और मलाशय (Rectum) के आसपास की नसों में सूजन आने से होने वाली बीमारी है।
पहले यह समस्या ज़्यादातर 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन आजकल गलत डाइट और खराब लाइफस्टाइल के कारण बच्चों और युवाओं में भी पाई जा रही है।
बवासीर के प्रकार
बवासीर मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
1️⃣ आंतरिक बवासीर (Internal Piles)
यह गुदा के अंदर होती है
आमतौर पर दर्द नहीं होता
छूने से महसूस नहीं होती
मुख्य लक्षण: मल के साथ चमकीला लाल खून आना
अक्सर मरीज को तब पता चलता है जब टॉयलेट में ब्लीडिंग होती है
2️⃣ बाहरी बवासीर (External Piles)
यह गुदा के बाहर होती है
काफी दर्द और जलन होती है
मस्से जैसे बाहर दिखाई देते हैं
छूने पर महसूस होती है
स्थिति बिगड़ने पर नीले या बैंगनी रंग की गांठ बन जाती है
ब्लीडिंग और सूजन हो सकती है
बवासीर के लक्षण
मल के साथ ताजा लाल खून आना
टॉयलेट के बाद भी बार-बार जाने का मन करना
अंडरवियर या टॉयलेट पेपर पर म्यूकस या खून
गुदा के आसपास खुजली और जलन
दर्द या भारीपन महसूस होना
गांठ या सूजन का महसूस होना
बवासीर होने के कारण
ज्यादा देर तक ज़ोर लगाकर मल त्याग करना
कब्ज (Constipation)
फाइबर की कमी वाली डाइट
लंबे समय तक बैठकर काम करना
मोटापा
मसालेदार भोजन
शराब और धूम्रपान
गर्भावस्था
गुदा की मांसपेशियों का कमजोर होना
बवासीर का पता कैसे चलता है?
डॉक्टर निम्न तरीकों से जांच करते हैं:
मरीज की मेडिकल हिस्ट्री
फिजिकल एग्ज़ामिनेशन
डिजिटल रेक्टल एग्ज़ामिनेशन
प्रॉक्टोस्कोपी / एनोस्कोपी
जरूरत पड़ने पर CBC ब्लड टेस्ट
गंभीर मामलों में कोलोनोस्कोपी
बवासीर का घरेलू इलाज
👉 हल्की और शुरुआती बवासीर में ये उपाय बहुत मददगार होते हैं:
🥗 डाइट सुधारें
हरी सब्ज़ियां, फल, सलाद लें
फाइबर युक्त भोजन बढ़ाएं
दिन में 8–10 गिलास पानी पिएं
🚽 टॉयलेट आदतें सुधारें
ज़ोर न लगाएं
लंबे समय तक टॉयलेट में न बैठें
समय पर मल त्याग करें
♨️ सिट्ज़ बाथ (गुनगुने पानी का स्नान)
टब में गुनगुना पानी भरें
10–15 मिनट बैठें
दिन में 2 बार करें
दर्द, सूजन और जलन में राहत मिलती है
🧼 सफाई
टॉयलेट के बाद हल्के गुनगुने पानी से धोएं
सूखे और खुरदरे टिशू का ज्यादा प्रयोग न करें
कब डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें?
लगातार खून आ रहा हो
तेज दर्द या सूजन हो
घरेलू इलाज से आराम न मिले
गांठ का आकार बढ़ता जाए
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ न लें।
निष्कर्ष
बवासीर एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन सकती है अगर समय पर इलाज न हो। सही डाइट, सही आदतें और समय पर इलाज से इसे पूरी तरह कंट्रोल किया जा सकता है।
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